स्ट्रोक: इसे FAST पहचानें, तेज़ी से कार्य करें
लेखक: Dr. Abhishek Songara · न्यूरोसर्जन व स्पाइन सर्जन, इंदौर
FAST परीक्षण
F — चेहरा एक ओर झुकना। A — बांह कमज़ोरी। S — बोलने में कठिनाई या लड़खड़ाहट। T — तुरंत आपातकालीन मदद बुलाने का समय। इनमें से कोई दिखे तो तुरंत कार्य करें।
तेज़ी क्यों ज़रूरी
स्ट्रोक में मस्तिष्क कोशिकाएं तेज़ी से नष्ट होती हैं। तेज़ इलाज क्षति सीमित कर रिकवरी बहुत सुधार सकता है। लक्षण जाने का इंतज़ार न करें।
स्ट्रोक के प्रकार
अधिकांश स्ट्रोक अवरुद्ध रक्त वाहिका (इस्केमिक) से; कुछ रक्तस्राव (हैमरेजिक) से होते हैं। इलाज अलग होता है, इसलिए तत्काल अस्पताल आकलन ज़रूरी है।
स्ट्रोक के बाद
पुनर्वास, दवा व जोखिम कारकों (रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान) पर ध्यान रिकवरी में मदद व दोबारा स्ट्रोक की संभावना घटाता है।
इंदौर में संबंधित उपचार
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्ट्रोक का संदेह हो तो क्या करें?
तुरंत आपातकालीन मदद बुलाएं व लक्षण शुरू होने का समय नोट करें। इंतज़ार न करें — तेज़ इलाज मस्तिष्क कार्य बचाता है।
क्या स्ट्रोक का इलाज हो सकता है?
हां। तेज़ चिकित्सा व कुछ मामलों में शल्य इलाज क्षति सीमित कर सकता है। जल्दी इलाज शुरू होने पर परिणाम सर्वोत्तम होते हैं।
